✍️ लेखक: ग्लोबल अपडेट्स न्यूज टीम
📅 प्रकाशित: 22 मई 2025
🔍 परिचय
पिछले कुछ दिनों से एक नाम भारतीय मीडिया में सुर्खियों में बना हुआ है – ज्योति मल्होत्रा। एक यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पहचानी जाने वाली ज्योति मल्होत्रा पर भारत में रहते हुए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला न सिर्फ सोशल मीडिया पर बल्कि राजनीतिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
👩💻 कौन हैं ज्योति मल्होत्रा?
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उम्र: 33 वर्ष
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मूल निवासी: हिसार, हरियाणा
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शिक्षा: एमबीए (दिल्ली)
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वैवाहिक स्थिति: अविवाहित
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करियर: पूर्व में दिल्ली में कार्यरत, बाद में COVID-19 के समय वापस हिसार आकर यूट्यूब पर करियर शुरू किया
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यूट्यूब चैनल: Travel with Jo
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सोशल मीडिया पर सक्रियता: फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर यात्रा से जुड़े ब्लॉग और वीडियो साझा करती थीं।
🕵️♀️ क्या है आरोप?
हिसार पुलिस ने 15 मई 2025 को ज्योति मल्होत्रा को गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान भेजने और पाकिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में होने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक:
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ज्योति ने अपने सोशल मीडिया चैनलों की आड़ में संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाईं।
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वह कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थी।
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गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में रखा गया है और लगातार पूछताछ की जा रही है।
🧠 क्या कहती हैं जांच एजेंसियां?
जांच अधिकारियों के अनुसार:
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ज्योति का मोबाइल और लैपटॉप फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
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उसके द्वारा भेजे गए संदिग्ध ईमेल्स, चैट्स और फाइल्स की गहन जांच की जा रही है।
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विदेशी संपर्कों की सूची भी खंगाली जा रही है।
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अब तक की जांच में कुछ इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं, जिनसे आरोपों को बल मिला है।
📺 यूट्यूब और सोशल मीडिया की भूमिका
ज्योति मल्होत्रा एक लोकप्रिय ट्रैवल व्लॉगर थीं, जिनके यूट्यूब चैनल पर भारत और विदेश यात्राओं से जुड़े वीडियो मौजूद हैं। इस केस ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि:
क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है?
🔍 क्या कहता है समाज?
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कुछ लोग इसे मीडिया का अतिशयोक्ति भरा मामला मान रहे हैं।
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वहीं, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।
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यह भी संभव है कि वह किसी बड़े नेटवर्क का एक छोटा हिस्सा हो।
🧾 निष्कर्ष
यह मामला एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि सोशल मीडिया की आज़ादी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। ज्योति मल्होत्रा पर लगे आरोप कितने सच हैं, यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन एक बात तय है – भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही हैं।













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