केंद्र सरकार ने किया डीए में वृद्धि: लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत

केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 2% की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह वृद्धि जनवरी 2025 से प्रभावी होगी, जिससे डीए 53% से बढ़कर 55% हो गया है।
मुख्य बिंदु:
- लाभार्थी: 1.2 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस वृद्धि का लाभ उठाएंगे।
- वित्तीय प्रभाव: कर्मचारियों को मार्च 2025 की सैलरी के साथ जनवरी और फरवरी के लिए बकाया राशि भी मिलेगी।
- विगत वर्षों की तुलना: पिछले सात वर्षों में यह सबसे कम डीए वृद्धि है। सामान्य तौर पर, बढ़ोतरी 3% या उससे अधिक होती रही है।
डीए गणना का फॉर्मूला:
डीए की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपका मूल वेतन ₹30,000 है:
– पहले: ₹30,000 × 53% = ₹15,900
– अब: ₹30,000 × 55% = ₹16,500
– **वृद्धि**: ₹16,500 – ₹15,900 = ₹600
यह ₹600 आपकी कुल सैलरी में जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आपको जनवरी और फरवरी 2025 का बकाया मिलेगा।
आर्थिक स्थिति का प्रभाव:
यह वृद्धि अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) पर आधारित है। हाल के आर्थिक दबावों के कारण यह वृद्धि मामूली रही है।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया:
हालांकि इस वृद्धि से कुछ राहत मिली है, लेकिन कर्मचारियों और यूनियनों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से महंगाई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुनर्विचार की मांग की है।
यह घोषणा होली से ठीक पहले की गई है, जब कर्मचारी वित्तीय सहायता की अपेक्षा करते हैं। हालांकि, इस बार की मामूली वृद्धि ने बेहतर वृद्धि की उम्मीदों को बरकरार रखा है।
डीए वृद्धि से जुड़े अन्य पहलू
यहां डीए वृद्धि के कुछ और प्रभावों और पहलुओं पर चर्चा की गई है:
राजकोषीय प्रभाव:
– इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर हर साल ₹12,857 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
– यह अतिरिक्त खर्च 1.2 करोड़ लाभार्थियों में विभाजित होगा, जिनमें 47 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं।

राज्यों के कर्मचारियों पर प्रभाव:
– केंद्र सरकार द्वारा डीए में वृद्धि का निर्णय आम तौर पर राज्य सरकारों द्वारा भी अपनाया जाता है।
– इससे राज्य के कर्मचारियों को भी जल्द ही लाभ होने की संभावना है।
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ:
– महंगाई भत्ता भारत में जीवनयापन की बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
– अन्य देशों में भी सार्वजनिक सेवा क्षेत्र के कर्मचारियों को महंगाई और आर्थिक संकटों से बचाने के लिए इसी तरह की योजनाएं लागू की जाती हैं।
डीए का महत्व:
– महंगाई भत्ता कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से जरूरी है क्योंकि यह दैनिक जरूरतों और बढ़ती महंगाई को कवर करने में मदद करता है।
– यह वृद्धि त्योहारी सीजन से पहले कर्मचारियों को राहत प्रदान करने में भी मदद करती है।
भविष्य की संभावनाएं:
– कई कर्मचारी यूनियनों ने अगली वृद्धि में महंगाई दर और वास्तविक जीवन लागत को ध्यान में रखते हुए बड़ा संशोधन करने की मांग की है।
– 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने वाले वर्षों में डीए बढ़ोतरी को और प्रभावित कर सकती हैं।













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